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VYAVASTHIT
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आलू एक प्रमुख कंद फसल है। वर्मी कम्पोस्ट मिट्टी की वायु संचार क्षमता सुधारता है, कंद का आकार बढ़ाता है और उपज को बेहतर करता है।
| अवस्था | समय | मुख्य क्रियाएँ |
|---|---|---|
| रोपाई | अक्टूबर–नवंबर | स्वस्थ कंद लगाएँ; मिट्टी में वर्मी कम्पोस्ट मिलाएँ |
| वृद्धि | 20–40 दिन | निराई-गुड़ाई और वर्मी कम्पोस्ट डालें |
| कंद विकास | 40–80 दिन | नमी बनाए रखें; वर्मी कम्पोस्ट और जीवामृत डालें |
| कटाई | 100–120 दिन | जब पत्ते सूख जाएँ तब कटाई करें |
प्र: क्या वर्मी कम्पोस्ट आलू के रोग कम करता है?
उ: हाँ, यह मिट्टी जनित रोगों को घटाता है।
प्र: कितनी बार वर्मी कम्पोस्ट डालें?
उ: कम से कम दो बार – रोपाई और वृद्धि अवस्था में।
प्र: क्या कंद की गुणवत्ता बढ़ती है?
उ: हाँ, कंद बड़े, स्वादिष्ट और लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
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