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VYAVASTHIT
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गेहूं प्रमुख खाद्यान्न फसल है। वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है, उपज सुधारता है और दानों में प्रोटीन बढ़ाता है।
| अवस्था | समय | मुख्य अभ्यास |
|---|---|---|
| बुवाई | नवंबर–दिसंबर | प्रमाणित बीज और वर्मीकम्पोस्ट का प्रयोग |
| टिलरिंग | 30–40 दिन | निंदाई और वर्मीकम्पोस्ट डालना |
| फूल आना | 60–80 दिन | मिट्टी में नमी बनाए रखें |
| कटाई | मार्च–अप्रैल | जब दाने सुनहरे और कठोर हों तब कटाई करें |
प्र: क्या वर्मीकम्पोस्ट रासायनिक खाद की जगह ले सकता है?
उ: हाँ, उचित प्रबंधन के साथ उपज समान मिलती है।
प्र: वर्मीकम्पोस्ट कब डालना चाहिए?
उ: कम से कम दो बार – बुवाई पर और टिलरिंग पर।
प्र: क्या इससे दानों की गुणवत्ता बढ़ती है?
उ: हाँ, प्रोटीन और स्वाद दोनों बेहतर होते हैं।
अपने गेहूं खेत के लिए पोषक तत्वों से भरपूर वर्मीकम्पोस्ट पाएं। अधिक उत्पादन और उर्वर मिट्टी सुनिश्चित करें।
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